Friday, January 21, 2022

बड़े लोगों का लोगत्व....!!

 बड़े लोगों का लोगत्व....!!

    

                                हरिभूमि में....

बड़े लोग ‛बड़े महान होते है।’ यहां मुझसे जो सिर्फ़ आयु में बड़े लोग हैं उनकी तो मैं बात नहीं कर रहा हूँ ना ही कद में जो बड़े हैं। यहां मैं उन ‛बड़े लोगों’ की चर्चा कर रहा हूँ जिनकी नजर में मैं हमेशा छोटा ही रहता हूँ। आपके साथ भी ऐसा हो सकता है या फिर हो रहा होगा। आप कितनी ही प्रगति व सफलता प्राप्त कर लें, कुछ बड़े लोगों की दृष्टि में आप छोटे ही रहेंगे। ओर न सिर्फ़ ये बड़े लोग आपको छोटा समझते हैं बल्कि वे आपको हर समय नजरअंदाज भी करेंगे।

गलती से आपने अपनी किसी उपलब्धि या खुशी को सोशल मीडिया पर साझा किया, तो बड़े लोग उस पोस्ट को नजरअंदाज करने के साथ ही, गलती से भी उसपर लाईक या कमेंट का बटन नहीं दबाएंगे। वहीं बाबू-शोना वाली पोस्ट पर दिनभर लाईक-कमेंट चलती रहती हैं। कभी गलती से बड़े लोगों के सामने चले जाओं तो वे आपको पहचानने से साफ मना कर देते हैं। भले आप उन्हें वर्षों से जानते हो और वे भी आपको जानते हो। पर जानबूझकर ऐसा व्यवहार करेंगे कि अरे, “तुम छोटे लोग, जाओ हम तुम्हें नहीं पहचानते।

‛बड़े लोग’ विभिन्न प्रकार के होते हैं। वह आपका चड्ढी मित्र भी हो सकता है ! जो अब सरकारी आदमी हो गया है। और बड़े शहर में रहने लग गया है। वहीं आपके पहले के कोई पड़ोसी भी बड़े लोग हो सकते हैं। वे अब अपने लड़के के बड़े अधिकारी बन जाने के कारण, बड़े लोगों की श्रेणी में आ गए हैं। और उन्होंने अपने लड़के की उच्च व गुप्त आय से बड़े से शहर में बड़ा सा मकान बना लिया है। इसलिए वे अपने आप को बड़ा मानते हैं। इसके अलावा भी बड़े लोग होने व “बड़ा लोगत्व” प्राप्त करने के विभिन्न प्रकार व ठीये है। बड़े लोग अक्सर आपको सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, राजनीतिक कार्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, विवाह कार्यक्रमों आदि सार्वजनिक स्थलों पर आसानी से मिल सकते हैं। यहां तक कि धार्मिक स्थल पर भी “विशेष पूजा के समय” बड़े लोगों के दर्शन आसानी से किये जा सकते हैं।

जैसे ही आपने इन बड़े लोगों के ‛लोगत्व’ से कोई छेड़छाड़ की, ये आपको अपने बड़े लोगत्व का प्रभाव दिखाने लग जाते हैं। इनके समूह द्वारा आप अच्छे भले सामान्य व्यक्ति से “छोटे लोग” घोषित कर दिये जाओगें। पीठ पीछे कहेंगे, “छोटे लोग हैं इन्हें मुँह नहीं लगाना चाहिए।” कोई बड़ी बात नहीं कि बड़े लोगों का लोगत्व आपके सहज छोटत्व को बड़ा छत-विछत कर दे।

कोई व्यक्ति आपको यदि पांच मिनट के कार्य के लिए एक घंटा प्रतिक्षा करवाये तो समझ लिजिये, वह पक्का ‛बड़ा लोगत्व’ श्रेणी वाला व्यक्ति है। जो कभी किसी लाईन में नहीं लगें, वे भी स्वाभाविक बड़े लोग ही होते हैं। आखिर ‛वे बड़े लोग कैसे जो सामान्य इंसानों जैसे रहे !’ बड़े लोग विशिष्ट होते हैं। उनके लिए सरकार से लेकर सड़क तक सब जगह विशेष मार्ग बने-बनाये होते हैं। और नहीं होगें तो वे ‛ध्वनिमत’ से बना लेते हैं। यहां तक कि बड़े लोगों के लिए हर जगह पीछे का रास्ता ही होता है। वे सामान्य लोगों की तरह कभी सामने से किसी जगह पर नहीं जाते। “बड़े लोग बैकडोर का उपयोग कर किसी भी बड़े सदन में आसानी से पहुंच जाते हैं।”
आम आदमी अक्सर विंडो पर खड़ा रहकर अपनी टिकट का इंतज़ार करता रहता है, वहीं बड़े लोगों के लोगत्व प्रभाव में बेचारी विंडो ही उनके पास चलकर आ जाती है। इन दिनों ऐसा लोगत्व सर्वत्र देखा जा सकता है....!!


भूपेन्द्र भारतीय 
205, प्रगति नगर,सोनकच्छ,
जिला देवास, मध्यप्रदेश(455118)
मोब. 9926476410
मेल- bhupendrabhartiya1988@gmail.com 

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